Prof. Harbans Singh: A gentleman scholar

Man wants to leave his imprint on the world. There are so many ways in which individuals seek to make their mark — none is as noble as bequeathing a legacy of knowledge which can be passed on to future generations. When the first encyclopedia on Sikhs was to be written, Bhai Kahan Singh Nabha was the right man for …

एक जिंदादिल लेखक की जीवंत दास्तां

एक स्तंभकार, इतिहासकार, राजनयिक, पत्रकार, अधिवक्ता एवं प्रकाण्ड विद्वान के रूप में खुशवंत सिंह ने अपार यश अर्जित किया है। वर्तमान में 97 वर्ष की उम्र में भी वे अपनी शर्तों पर जीते हैं। उन्होंने जीवन में जो चाहा, वह हासिल किया। लेकिन इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि देश में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले इस लेखक की शान में कसौली में आयोजित हो रहे ‘खुशवंत सिंह लिटरेरी फेस्टिवल’ में वे उपस्थित नहीं हो पायेंगे।